GLEITRINGDICHTUNGEN AUS EKasic® SILICIUMCARBID
Gleitringdichtungen, teilweise auch Gleitdichtungsringe genannt, dienen der Abdichtung von rotierenden Wellen gegenüber z.B. Gehäusen. Ein Teil einer Gleitringdichtung rotiert mit der Welle, der andere ist stationär. Der Ring, der sich axial bewegen kann, wird Gleitring genannt; der andere Gegenring. Die Stirnflächen beider Ringe sind plan bearbeitet (Ebenheit < 0,6 µm) und stehen senkrecht zu der Welle.
Namhafte Hersteller verlassen sich in dieser Anwendung auf unsere Gleit- und Gegenringe. Diese werden von uns in der Regel aus gesintertem Siliciumcarbid EKasic®, ausschließlich nach Kundenvorgaben, hergestellt.
Einsatzbereiche
Gleitringdichtungen aus EKasic® SiC eignen sich besonders für stark beanspruchende Einsatzfälle, zum Beispiel bei:
- verunreinigten Medien
- abrasiven Medien und/oder
- höchst korrosiven Medien
Die Ringe werden durch Federkraft gegeneinander gedrückt, wobei die Stirnflächen der Ringe den Dichtspalt bilden. Das abzudichtende Medium dringt zwischen die Dichtflächen ein und wirkt dort als Schmierfilm (mediengeschmierte Dichtung). Die Abdichtung der EKasic® Gleitringe gegenüber Welle bzw. Gehäuse erfolgt mit Nebendichtungen in Gestalt von zusätzlichen statischen Dichtelementen (O-Ringen oder Manschetten).
Spezifikationen
Gleitringdichtungen sind derzeit erhältlich für Wellendurchmesser von ca. 5 mm bis 500 mm. Einsatzbedingungen sind Drücke bis 200 bar, Temperaturen von ca. -200°C bis +450°C und Gleitgeschwindigkeiten bis zu ca. 150 m/s.
| Siliciumcarbid | |||||
| Werkstoff- eigenschaften |
Norm | Symbol/ Einheit |
EKasic® F |
EKasic® F plus |
EKasic® C |
| Dichte | DIN EN 623-2 | ρ [g/cm3] | >3,10 | >3,16 | >3,10 |
| Porosität | DIN EN 623-2 | P [%] | <3,0 | <1,0 | <3,0 |
| Mittlere Korngröße | [μm] | <5 | <5 | bimodal | |
| Korngrößenspektrum | [μm] | 10-1500 | |||
| Phasen- zusammensetzung |
α-SiC | α-SiC | α-SiC | ||
| Vickers-Härte | DIN EN 843-4 | HV 1 [GPa] | 24,5 | 24,5 | 24,5 |
| Knoop-Härte | DIN EN 843-4 | HK 0.1 [GPa] | 24,5 | 24,5 | 24,5 |
| Elastizitätsmodul | DIN EN 843-2 | E [GPa] | 430 | 430 | 430 |
| Weibull-Modul | DIN EN 843-5 | m | 10 | 10 | 10 |
| Biegefestigkeit, 4-Punkt |
DIN EN 843-1 | SB [MPa] | 400 | 510 | 400 |
| Druckfestigkeit | SD [MPa] | > 2500 | > 2500 | > 2500 | |
| Poisson-Zahl | ν | 0,17 | 0,17 | 0,17 | |
| Bruchzähigkeit (SENB) |
Klc [MPa·m0,5] | 4 | 4 | 3,5 | |
| Wärmeausdehnungs- koeffizient |
DIN EN 821-1 | ||||
| 20°C - 500°C | α [10-6/K] | 3,8 | 3,8 | 3,8 | |
| 500°C - 1000°C | α [10-6/K] | 5,1 | 5,1 | 5,1 | |
| Spez. Wärme bei 20°C |
DIN EN 821-3 | cp [J/g K] | 0,69 | 0,69 | 0,69 |
| Wärmeleitfähigkeit bei 20°C |
DIN EN 821-2 | λ [W/mK] | 130 | 130 | 130 |
| Wärmespannungs- parameter |
berechnet | ||||
| R1 = σB·(1-ν) / (α·E) | R1 [K] | 203 | 259 | 203 | |
| R2 = R1·λ | R2 [W/mm] | 26 | 34 | 26 | |
| Spez. elektr. Widerstand bei 20°C |
DIN EN 50359 | ρ [Ω cm] | > 108 | > 108 | 104-105 |
| Siliciumcarbid | |||||
| Werkstoff- eigenschaften |
Norm | Symbol/ Einheit |
EKasic® P |
EKasic® G |
EKasic® T |
| Dichte | DIN EN 623-2 | ρ [g/cm3] | >2,76- 2,89 |
>3,02 | >3,21 |
| Porosität | DIN EN 623-2 | P [%] | 10-14 | <3,0 | <1,0 |
| Mittlere Korngröße | [μm] | <5 | bimodal | <2 | |
| Korngrößenspektrum | [μm] | 10-1000 | |||
| Phasen- zusammensetzung |
α-SiC | α-SiC, Grafit |
α-SiC, YAG |
||
| Vickers-Härte | DIN EN 843-4 | HV 1 [GPa] | 24,5 | 24,5 | 22,5 |
| Knoop-Härte | DIN EN 843-4 | HK 0.1 [GPa] | 24,0 | 24,0 | 22,5 |
| Elastizitätsmodul | DIN EN 843-2 | E [GPa] | 340 | 390 | 420 |
| Weibull-Modul | DIN EN 843-5 | m | 15 | 15 | 15 |
| Biegefestigkeit, 4-Punkt |
DIN EN 843-1 | SB [MPa] | 225 | 250 | 550 |
| Druckfestigkeit | SD [MPa] | > 2000 | > 2200 | > 2500 | |
| Poisson-Zahl | ν | 0,13 | 0,15 | 0,17 | |
| Bruchzähigkeit (SENB) |
Klc [MPa·m0,5] | 3 | 3,5 | 6 | |
| Wärmeausdehnungs- koeffizient |
DIN EN 821-1 | ||||
| 20°C - 500°C | α [10-6/K] | 3,8 | 3,8 | 4,1 | |
| 500°C - 1000°C | α [10-6/K] | 5,1 | 5,1 | 5,3 | |
| Spez. Wärme bei 20°C |
DIN EN 821-3 | cp [J/g K] | 0,69 | 0,69 | 0,71 |
| Wärmeleitfähigkeit bei 20°C |
DIN EN 821-2 | λ [W/mK] | 110 | 130 | 80 |
| Wärmespannungs- parameter |
berechnet | ||||
| R1 = σB·(1-ν) / (α·E) | R1 [K] | 152 | 143 | 265 | |
| R2 = R1·λ | R2 [W/mm] | 17 | 19 | 21 | |
| Spez. elektr. Widerstand bei 20°C |
DIN EN 50359 | ρ [Ω cm] | > 108 | 104-105 | 103-106 |

